आतंकियों के निशाने पर कांवड यात्रा, इसलिये इस बार…

देहरादून। वेस्ट यूपी और उत्तराखंड की कांवड़ यात्रा पर आतंकी साया मंडरा रहा है। खुफिया इनपुट मिलते ही यूपी और उत्तराखंड के अधिकारी स चौकन्ने हो गए हैं। तय हुआ है कि एटीएस की निगरानी में जहां कांवड़ यात्रा निकलेगी, वहीं आम नागरिकों के वेष में पुलिस और एटीएस के जवान भी साथ चलेंगे। उधर सुरक्षा के मद्देनजर देहरादून में दोनों राज्यों के पुलिस और खुफिया अफसरों की बैठक भी हुई। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, हरियाणा मुरादाबाद, दिल्ली, बरेली और उधर अलीगढ़ तक लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा लेकर चलते हैं। कांवड़ यात्रा 28 जुलाई से नौ अगस्त तक चलेगी। वहीं खुफिया एजेंसियों को कांवड यात्रा के दौरान कुछ स्लीपिंग माड्यूल्स होने का भी इनपुट है। अंदेशा व्यक्त किया गया है कि ऐसे में राष्ट्रविरोधी तत्व कांवड़ यात्रा को निशाना बनाकर माहौल खराब कर सकता है।

कांवड़ियों की सुरक्षा के मद्देनजर कवायद तेज कर दी गई है। यूपी और उत्तराखंड के पुलिस और खुफिया एजेंसियों को आला अफसरों की बैठक देहरादून में हुई। इसमें सुरक्षा से संबंधित दर्जन भर से अधिक बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उधर यूपी सरकार ने कावंड़ियों की सुरक्षा के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। वेस्ट यूपी के जिलों के पुलिस और प्रशासन के अफसरों से यात्रा रूट के संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों की सूची मांगी है। तय किया गया है पुलिस के साथ ही भारी मात्रा में पैरा मिलिट्री फोर्स भी तैनात किया जाएगा। कहीं कोई खामी नहीं रहे, इसके लिए विशेष तौर से प्रशिक्षित जवान भी सादा कपड़ों में कावड़ियों में शामिल कराए जाएंगे। हेलीकाप्टर के साथ ही ड्रोन कैमरे से पूरी कांवड़ यात्रा की निगरानी की जाएगी।

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