यूपी बोर्ड में 10 वीं एवं 12 वीं के लाखों विद्यार्थियों ने छोड़ी परीक्षा

इलाहाबाद। गत सोमवार को यूपी बोर्ड की हुई परीक्षा समाप्ति के बाद आंकडों के अनुसार लाखों विद्यार्थियांं की अनुपस्थिति की बात सामने आ रही है। यह बोर्ड परीक्षा का एक नया इतिहास बन गया हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा की इस वर्ष नकलचियां की संख्या में भी कमी आयी है।

अंतिम दिन इम्तिहान छोडऩे का आंकड़ा बढ़ा है। 3306 के किनारा करने से बोर्ड के इतिहास में नया रेकॉर्ड बना है। अब तक हाईस्कूल में छह लाख 31 हजार 61 सहित अब तक कुल 11 लाख 27 हजार 815 परीक्षार्थी किनारा कर चुके हैं। यह बोर्ड परीक्षाओं के इतिहास में इम्तिहान छोडऩे की यह सबसे अधिक संख्या है। बोर्ड कार्यालय की ओर से कहा गया है कि कई परीक्षा केंद्रों ने अनुपस्थित परीक्षार्थियों की ऑनलाइन रिपोर्ट अब अपडेट की है। इससे 3306 परीक्षार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है। अगले दिनों में बोर्ड प्रशासन जब छात्र-छात्राओं की अलग-अलग परीक्षा छोडऩे की अंतिम सूची जारी करेगा, उसमें और बढ़ोतरी हो सकती है। बोर्ड परीक्षा में सोमवार को FF में औद्योगिक संगठन द्वितीय प्रश्नपत्र के अभ्यर्थियों की परीक्षा दूसरी पाली में हुई। इसमें कोई छात्र-छात्रा नकल करते नहीं मिला है।

बोर्ड परीक्षा के दौरान प्रदेश भर में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में नकल करते पकड़े गए छात्र-छात्राओं की संख्या पिछले वर्ष की अपेक्षा काफी कम है। सूबे में इंटर में 477 बालक, 157 बालिका सहित कुल 1146 परीक्षार्थी पकड़े जा चुके हैं। बाकी संख्या हाईस्कूल के नकलची परीक्षार्थियों की है। यह संख्या पिछले वर्ष 25 दिनों की परीक्षा में पकड़े गए परीक्षार्थियों के लिहाज से आधे से काफी कम है। ज्ञात हो कि पिछले वर्ष 25 दिन में 2153 परीक्षार्थी नकल करते पकड़े गए थे। इम्तिहान के दौरान कुल 136 पर विभिन्न जिलों में एफआइआर दर्ज हुई है। यूपी बोर्ड में शनिवार को ही कई जिलों व केंद्रों पर दोबारा परीक्षाएं कराई जा चुकी हैं। जहां पेपर लीक या फिर सामूहिक नकल की गड़बड़ी मिली थी उन जिलों व केंद्रों पर 13 मार्च को भी परीक्षाएं होंगी।

परीक्षाओं में इस बार गलत प्रश्नपत्र खोलने व पेपर लीक की घटनाएं खूब सामने आईं। केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षकों ने हड़बड़ी में गड़बड़ी की जिससे उन जिलों में प्रश्नपत्र बदले गए या फिर दोबारा परीक्षाएं कराई गई हैं। यह सिलसिला परीक्षा भर जारी रहा। ये मामले तेजी से इसलिए सामने आए, क्योंकि केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगे थे। जहां उसे छिपाने का प्रयास हुआ, सुगबुगाहट के बाद जांच में असलियत खुल गई।