माया-अखिलेश गठबंधन से खुश है वसुन्धरा! जानिये क्यों

जयपुर। विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे से लेकर हार के बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के निशाने पर चल रही पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे को मायावती और अखिलेश के गठबंधन से राहत मिली है। इसके लिये आपको पूरी स्थिति को समझना होगा।
राजस्थान में भाजपा की एकछत्र राजनीति करने वाली वसुंधरा राजे इन दिनों शीर्ष नेतृत्व के आगे बैकफुट पर है। टिकट बंटवारे के समय अध्यक्ष अमित शाह से टकराव होना सुर्खियां बना था। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने चुनावी हार के बाद हाथ लगे मौके पर चलते हुए वसुंधरा राजे को राज्य की राजनीति से बाहर निकालने का मौका मिल गया। उन्होंने वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाते हुए जयपुर से दिल्ली बुला लिया है। साथ ही उनकी जगह नए नेता को खड़े करने की तैयारी भी कर ली है। लेकिन इस सब पर वसुन्धरा खामोश है और सही समय का इंतजार कर रही है। माया-अखिलेश के गठबंधन से यूपी में भाजपा के लिये मुश्किल खडी हो गई है, साथ ही भाजपा के लिये बहुमत जुटाना भी अब टेढी खीर हो सकता है। वसुंधरा की नजर लोकसभा चुनाव के नतीजों पर टिकी हुई है, इसके बाद ही वसुंधरा की रणनीति तय होगी। अगर केंद्र में भाजपा हारती है तो वसुन्धरा को बस मे कर पाना अमित शाह के लिये मुश्किल भरा होगा। अगर जीतती है तो वसुन्धरा को केंद्रीय नेतृत्व के दबाव को सहन करना होगा।

Loading…