मुजफ्फरनगर: मुआवजे को लेकर तहसील में प्रदर्शन, एसडीएम से नोकझोंक

मुजफ्फरनगर। सड़क हादसे में मारे गये बच्चों के परिजनों को अधिकारियों के आश्वासन के सात माह बाद भी सरकार की ओर से आर्थिक मदद न मिलने पर लोगों ने तहसील में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान एसडीएम से लोगों की नोकझोंक भी हुई। घंटों चले हंगामे के बाद एसडीएम ने समस्या से डीएम को अवगत कराने की बात कही। बीस अक्टूबर तक समस्या का समाधान न होने पर नगर के लोगों ने 21 में अनिश्चितकालीन के लिए धरना प्रदर्शन किये जाने की चेतावनी दी है।
बुधवार को खतौली की चौपाल के नेतृत्व में कस्बे के सैकड़ों लोग तहसील पहुंचे। उन्होने नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आये एसडीएम इन्द्राकांत द्विवेदी ने हंगामा कर रहे लोगों से समस्या की जानकारी ली, तो उन्होने बताया कि फरवरी माह में बिजली का बिल जमा कराने गये दो मासूम बच्चों की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। आक्रोशित लोगों ने जाम लगाया तो तत्कालीन एसडीएम मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने सरकार की ओर से दस-दस लाख रुपये का मुआवजा दिलाये जाने का आश्वासन दिया था। आश्वासन दिये सात माह से अधिक हो गया है। मदद करना तो दूर की बात है किसी अधिकारी ने पीड़ित परिवार के हालातों के बारे में भी जानकारी नहीं ली है। घटना के बाद एक मंत्री भी आये थे जो आश्वासन देकर आज तक नहीं पहुंचे है। एसडीएम ने कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि वो दस-दस लाख रूपये दिला दे। शासन से जो मिलता रहा है वो ही मिल सकता है।
उन्होने कुछ लोगों को अपने दफतर में बुलाकर वार्ता की। वहा पर भी उन्होने कहा कि उनके हाथ में नहीं है। डीएम को मामले से अवगत करा कर जो मदद होगी वो दिलवा दी जायेगी। आश्वासन के बाद हंगामा शांत हुआ। इस दौरान ताजपुर प्रधान निवेश राणा, सुलेमान परदेशी, अजय, अमनदीप, संजय, विपिन, वेदराम, मुनीराम, अभिषेक गोयल, गौरी शंकर गोरी, देवराज आदि लोग मौजूद रहे।

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