कैराना चुनाव में भाजपा को हराने के लिए चुनाव मैदान में उतरेगा योगी सरकार द्वारा बर्खास्त किया गया ये जाट अफसर…

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शामली। पूर्व मंत्री हुकुम सिंह के निधन के बाद रिक्त हुई कैराना लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में जहां भारतीय जनता पार्टी उनकी बेटी मृगांका सिंह को चुनाव मैदान में उतारकर इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है, वहीं मृगांका सिंह की जीत की राह में बाधा पैदा करने के लिए योगी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों में बर्खास्त किए गए एक पीसीएस अफसर ने कमर कस ली है। जाट समाज से ताल्लुक रखने वाले इस बर्खास्त अफसर की रणनीति आने वाले दिनों में भाजपा प्रत्याशी की जीत की राह में रोडा बन सकती है।


यमुना खादर में बिड़ौली स्थित शत्रु (निष्क्रांत) संपत्ति नियम विरुद्ध नीलाम करने के मामले को लेकर बर्खास्त हुए पीसीएस अफसर आरस दुहन ने भी कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में मैदान में ताल ठोंक दी है। शुक्रवार को दुहन ने कलक्ट्रेट पहुंचकर नामांकन पत्र खरीदा। वहीं, दो दिन के भीतर कुल छह नामांकन पत्र खरीदे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक जमा एक भी नहीं किया गया है। शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में नामांकन कक्ष से तीन नामांकन पत्रों की बिक्री हुई। इनमें मुजफ्फरनगर के गांव बेगराजपुर निवासी मोतीराम कश्यप पुत्र संतराम ने भारतीय अखंड पार्टी और राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र खरीदा। वहीं, दूसरा नामांकन पत्र कैराना क्षेत्र के गांव रामड़ा निवासी सुरेश कश्यप पुत्र ओमप्रकाश ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर खरीदा।

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इसके बाद मेरठ के मवाना रोड निवासी रणधीर सिंह (आरएस) दुहन ने शामली कलक्ट्रेट पहुंचकर नामांकन पत्रों के चार सेट खरीदे। बता दें कि आरएस दुहन को शत्रु (निष्क्रांत) संपत्ति नियमों के खिलाफ नीलाम करने के मामले में प्रदेश सरकार ने बर्खास्त कर दिया था। कहा कि पूर्व सांसद रहे हुकुम सिंह ने उनके खिलाफ साजिश कराई, जिस कारण उन्हें बर्खास्त होना पड़ा। इसी वजह से वह मृगांका सिंह के सामने चुनाव लड़ने आए हैं। मजबूती के साथ चुनाव लड़ा जाएगा।


मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के अभियान के तहत मेरठ के अपर आयुक्त रणधीर सिंह दुहन को बर्खास्त कर दिया था। नियुक्ति व कार्मिक विभाग के सूत्रों के मुताबिक, रणधीर सिंह दुहन ने शामली में एडीएम रहते शत्रु संपत्ति की करीब 27 एकड़ जमीन बगैर किसी अधिकार के नियमों को दरकिनार करते हुए नीलाम कर दी जबकि शत्रु संपत्ति नीलाम करने पर साल 2006 से ही रोक लगी है। दुहन ने यह काम वर्ष 2012-13 में किया। शिकायत होने पर सहारनपुर के तत्कालीन कमिश्नर तनवीर जफर अली ने इसकी जांच की और उन पर आरोप प्रमाणित हुए। कार्रवाई की संस्तुति के साथ रिपोर्ट सरकार को भेजी गई और सीएम ने उन्हें बर्खास्त करने का फैसला लिया। दुहन 1991 बैच के पीसीएस अधिकारी थे।

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