गुड फिर से बनेगा मुजफ्फरनगर की पहचान, डीएम ने बांटे 9 करोड के लोन के स्वीकृति पत्र

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी राजीव शर्मा ने आज मुद्रा लोन स्कीम के तहत 9 करोड 97 लाख रुपये के स्वीकृति पत्र लाभार्थियों को वितरित किये। वहीं एक जनपद एक उत्पाद के अन्तर्गत गुड उद्योग को दे बढावा देने का भी ऐलान किया गया। इससे पहले लखनऊ के इंन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाईव प्रसारण जिला पंचायत सभागार में किया गया।
जिलाधिकारी राजीव शर्मा ने कहा कि जनपद मुजफ्फरनगर को एक जनपद एक उत्पाद के अन्तर्गत गुड के लिए चुना गया है। उन्हेने कहा कि आज का दिन बडा महत्वपूर्ण है एक साथ जनपद के 174 लोगो को मुद्रा/एमएसएमई लोन के 99700500 रूपये के स्वीकृति पत्र वितरित किये जा रहे है। उन्होने कहा कि उत्पादकता के कारण भारत को सोनी की चिडियां कहा जाता था। उन्होने कहा कि दुनिया की मार्केटिंग में यहां के प्रोडेक्ट छाये रहते थे।


जिलाधिकारी ने कहा कि इन लघु उद्योगो के माध्यम से ग्रामों का विकास होगा और प्रतिभाओं का पलायन रूकेगा। उन्होने कहा कि जो प्रतिभाएं रोजगार की तलाश में बाहर गयी है बडे पैमाने पर प्रदेश में औद्योगिकीकरण होने से उनकी वापसी भी होगी। उन्होने कहा कि मुजफ्फरनगर एशिया की सबसे बडी गुड मण्डी है। उन्होने बताया कि लगभग तीन अरब का कोल्हूओ द्वारा गुड बनाकर बाहर भेजा जाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि गुड उद्योग को बढावा देना है और इसके लिए अधिक से अधिक कोल्हू लगाये जाये। उन्होने कहा कि ऐसे कोल्हू लगाये जिससे गन्ना पेराई के समय रस की रिकवरी अच्छी हो। उन्हेने कहा कि ऐसे स्टैण्डर्ड का गुड बनाये जिसकी विदेशो में डिमांड हो और गुड के ब्राण्ड को अच्छा नाम दिया जाये और उसकी अच्छी पैकिंग करायी जाय उन्होने कहा कि गुड बनाये लेकिन क्यूब में बनाये और आग्रेनिक बनाये जिससे अधिक मूल्य उन्हें प्राप्त हो सके। उन्होने कहा कि कोल्हू का लाइसेंस बडी आसानी से मिलता है। जिलाधिकारी ने कहा कि कोल्हू उद्योग को अत्याधुनिक बनाये जाने की आवश्यकता है।