मुजफ्फरनगर की सड़कों पर ट्रैक्टरों का कब्ज़ा, भाकियू के आंदोलन से पूरा शहर जाम

मुजफ्फरनगर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 10 साल पुराने डीजल चालित वाहनों पर रोक लगाने के खिलाफ किसानों का गुस्सा आज भारतीय किसान यूनियन के आंदोलन के दौरान फूट पड़ा। किसान इतनी तादाद में ट्रैक्टर लेकर शहर में घुसे कि प्रकाश चौक सहित शहर के लगभग सभी मुख्य मार्ग जाम हो गए। भाकियू की ओर से किसानों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन पीएम के नाम भेजा गया।

एनजीटी द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों के संचालन पर रोक लगाने से किसानों के समक्ष उत्पन्न हुई समस्याओं को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन ने आज पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आंदोलन का रुख अख्तियार कर लिया। सुबह से ही गांव देहात से लोगों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर मुजफ्फरनगर कूच करने का सिलसिला शुरु हो गया, जो दोपहर बाद तक भी जारी रहा। किसान भाकियू के आंदोलन में इस कदर ट्रैक्टर लेकर शहर पहुंचे कि सभी मुख्य मार्ग जाम हो गए और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


मुजफ्फरनगर में आंदोलन की कमान भकियू नेता राकेश टिकैत जबकि शामली में आंदोलन की कमान राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने संभाली। बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के शहर में घुसने से नगर के सभी मुख्य मार्ग जाम हो गए। भारतीय किसान यूनियन की ओर से प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन दिया गया जिसमें एनजीटी द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों के संचालन पर लगाई गई रोक से किसानों के ट्रैक्टर, पंपिंग सेट तथा कृषि के कार्य में प्रयोग होने वाले डीजल इंजन को मुक्त कराने,

गेहूं की उत्पादन लागत को देखते हुए मध्य प्रदेश की तर्ज पर तर्ज पर किसानों को ₹200 प्रति कुंटल बोनस दिए जाने, प्रदेश के गन्ना किसानों का बकाया भुगतान अविलंब कराने तथा किसानों को 3 सत्रों के गन्ना भुगतान पर मिलने वाले ब्याज का भुगतान कराने, किसानों को गन्ने की पर्ची जारी किए जाने, किसानों को खरीफ़ व रबी फसल का ऋण एक साथ दिए जाने, बिजली की दरों में की गई वृद्धि को वापस किए जाने, नई नहरों के निर्माण एवं चौगामा नहर योजना का कार्य अविलंब पूरे किए जाने सहित 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया गया।