बाबा साहेब के परिनिर्वाण दिवस पर रालोद नेताओं ने उठाई ये शपथ

मुजफ्फरनगर। आज दिनांक 6 दिसम्बर को भारत रत्न बाबा साहब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर जी के 63 वे परिनिर्वाण दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता अनुसूचित जाति जनजाति के जिलाध्यक्ष राज वाल्मीकि एक संचालकन छात्र सभा के प्रदेश महासचिव अंकित सहरावत ने किया।
विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक चौधरी ने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर जी ने कहा था कि संविधान कितना ही अच्छा हो, क्रियान्वयन करने वाले लोग, अच्छे नही, तो संवधिन बेकार सबित होगा, इसका अर्थ ये है कि नागरिको को हमेशा सचेत रहने की आवश्यकता है। निरन्तर हमें शासन पर, लोकतालिका व्यवस्थाओं पर नजर रखते हुए संविधान और सवैधानिक मूल्यो की रक्षा करनी होगी, राष्ट्रीय लोकदल इसके तहत संवधिन संवाद अभियान आज चलाने जा रहा है। इस कार्यक्रम से हमारा प्रयास है कि समाज के विभिन्न वर्गो के बीच बाबा साहब अम्बेडकर जी कि उदारवादी सांच, जीवन सघंर्षो और संविधान में दिए गए अधिकार जिम्मेदारी पर संवाद करेगें।
सभा के जिलाध्यक्ष पराग चौधरी ने कहा कि देश में हो रही नकारात्मक राजनीति से लोग डरे हुए और बाबा भीम राम अम्बेडकर समता मूलक समाज की स्थापना करना चाहते है, सभी को समान सम्मान की व्यवस्था करते थे, आज देश की सत्ता जिन लोगो के हाथ में है वो अग्रेंजो की तरह आवाम को बाहर कर राज करना चाहते है। अनुसूचतिजाति जनजाति के जिलाध्यक्ष राजू वाल्मीकि ने कहा कि आज देश का किसान सडको पर, युवा बेरोजागार है महिलाएं असुरक्षित है इन चुनौतिया के साथ जुझते हुए लोगो की संवधिन में असीम आस्था और विश्वास बरकरार है संवधिन की सबसे बडी खूबी उसका पथ निरपेक्ष स्वरूप एवं लोकतांत्रिक ढाचा बरकरार रखने की उसमें निहित भावना है। गोष्ठी में वरिष्ठ युवा नेता हसरांज जातला मास्टर, राजपाल सिंह, मनोज चौधरी, अहसान चौधरी, कुलदीप चौधरी, ऋषभ, सागर बालियान, रविन्द्र मालियान, सचिन कटारिया, देवेन्द्र गौतम, नरेश वाल्मीकि, सचिन प्रजापति आदि उपस्थित रहे।