मेरठः जाटो को लुभाने के लिये भाजपाईयों ने लगाई चौधरी चरण सिंह की तस्वीर

मेरठ। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) चुनावी साल में समीकरण साधने के लिए हर दांव आजमा रही है। कार्यसमिति के जरिए वेस्ट यूपी के दलितों और पिछड़ों, खासकर जाटों के प्रति प्रेम दिखाने को डॉक्टर भीमराव आंबेड़कर और चौधरी चरण सिंह के बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए हैं। इसी के साथ पार्टी में लंबे वक्त से अलग-थलग पड़ गए लालकृष्ण आडवाणी को भी खास तव्वजो दी गई है।

आडवाणी का भी कटआउट अटल बिहारी बाजपेयी के साथ लगाया गया है। इसे पूरी तरह 2019 के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। बीजेपी का मानना है कि 2019 के लिए बीजेपी के खिलाफ सभी पार्टियां एकजुट हैं। इसी के साथ सहारनपुर हिंसा, मेरठ समेत दूसरे जिलों में 2 अप्रैल को दलित आंदोलन के दौरान हिंसा, अब मेरठ में दो दलितों के गांवों में हमला और एक की मौत के बाद राज्यसभा में मामला गूंजने पर बीजेपी दलितों को साथ जोड़ने की हर संभव कोशिश कर रही हैं। दरअसल, मुजफ्फरनगर के 2013 के दंगे के बाद यूपी में हुए 2014 और 2017 के चुनाव में जाट खुले तौर पर बीजेपी के साथ चला गया था। अजित सिंह और जयंत चौधरी को भी हरा दिया था लेकिन कैराना उपचुनाव में बीजेपी से अलग होकर फिर से आरएलडी के खेमे में नजर आया। गैर बीजेपी दलों के एकत्र होने के साथ ही दलित और पिछड़ों के पार्टी के दूर जाता देख बीजेपी में बेचैनी है। माना जा रहा है कि आंबेडकर और चरण सिंह को इसीलिए तवज्जो दी गई है, इन दोनों के साथ ही वीडी सावरकर का कटआउट लगाकर बीजेपी ने अपने अजेंडे को भी साफ कर दिया है।

देंखे तैयारी की तस्वीरें

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