तलाकशुदा अफसर मां के कमरे में पहुंचा बेटा, तो निकल गई चीख…

इंदौर। एक सरकारी अधिकारी ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतका नीलम सूद देवास में महिला बाल विकास विभाग में अधिकारी थीं।उन्हें कर्मठ, कुशल और खुशमिजाज अधिकारी के रूप में जाना जाता था। बाल विवाह रोकने और महिला सशक्तिकरण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें पुरस्कृत भी किया था।


लसूड़िया थाने के SI केके मिश्रा ने बताया कि सन सिटी निवासी नीलम पति वीरेंद्र सूद ने शनिवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका बड़ा बेटा उनके कमरे में पहुंचा तो मां फांसी के फंदे पर लटक रही थी।

इस पर उसने अपने भाई को बुलाया, बाद में उनके शोर मचाने पर पड़ोसी इकट्ठा हुए और नीलम को एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे।यहां जांच के बाद डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका नीलम महिला बाल विकास विभाग में महिला सशक्तिकरण अधिकारी थीं। वे देवास में पदस्थ थी और इंदौर से अपडाउन करती थी।


मिली जानकारी के अनुसार 10 साल पहले नीलम का पति वीरेंद्र से तलाक हो चुका था। वे अपने दोनों बेटों दिग्विजय और तेजस के साथ सन सिटी में रहती थीं। कुछ समय पहले उन्हें लंग में कैंसर की बीमारी का पता चला था, डॉक्टर्स ने बताया था कि कैंसर ज्यादा गंभीर स्थिति में नहीं है और ठीक हो सकता है। लेकिन इसके बाद वे काफी तनाव में आ गई थी। संभवतः उसी तनाव में उन्होंने फांसी लगा ली।


नीलम की पहचान महिला बाल विकास विभाग में कुशल और कर्मठ अधिकारी के रूप में थी। वे बेहद खुश मिजाज थी, खुद पारिवारिक तनाव झेलने के बाद भी वो महिलाओं की हौंसला अफजाई करती थी।

बाल विवाह रोकने और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें पुरस्कृत भी किया था।