संत रामपाल दोषी करार, कोर्ट ने सुनाया ये बडा फैसला, भारी फोर्स तैनात

हिसार। जिले के बरवाला के सतलोक आश्रम संचालक रामपाल पर चार साल बाद हत्या के केस में हिसार की विशेष अदालत में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने हत्‍या के दो मामले में रामपाल दोषी क़रार दिया। सेंट्रल जेल एक में बनाई गई विशेष अदालत में जज डीआर चालिया ने मामले पर फैसला सुनाया। इससे पहले रामपाल को छोड़कर बाकी सभी आरोपित कोर्ट पेश किया गया। इसके बाद रामपाल को अदालत में पेश किया गया। जेल परिसर के बाहर नाका लगाकर भारी पुलिस बल और आरएएफ के जवानों को तैनात किया है।


उधर रामपाल के वकील एडवोकेट एपी सिंह ने पुलिस पर खुद को सेंट्रल जेल के अंदर बने विशेष अदालत में जाने से रोकने का आरोप लगाया है। एडवोकेट एपी सिंह ने कहा कि उन्‍हे पुलिस ने जानबूझ कर धरना दिया। इस दौरान उन्‍होंने जेल अधिकारियों को बुलाने की मांग की। उन्‍होंने धमकी दी कि यदि जेल के अंदर नहीं जाने दिया गया तो धरना देंगे।
सेंट्रल जेल-1 में बनी विशेष अदालत में एडीजे डीआर चालिया इस मामले में फैसला सुनाएंगे। इसके मद्देनजर हिसार और आसपास के क्षेत्र हाई अलर्ट है। सुरक्षा के बेहद कड़े प्रबंध किए गए हैं और हिसार शहर पुलिस छावनी में तब्‍दील हो गया है। अशांति की आशंका में हिसार में रेल सेवा बंद करने की सिफारिश की गई है। बताया जाता है कि हरियाणा पुलिस ने रेल अधिकारियों को इस बारे में लिखा था। शहर व आसपास के क्षत्र में इंटरनेट सेवा भी बंद की जा सकती है। कोर्ट, सेंट्रल जेल, लघु सचिवालय सहित शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्‍यवस्‍था में डीआइजी सहित कई जिलों के एसपी, डीएसपी भी लगाए गए हैं। शहर में संवेदनशील जगहों पर अर्द्ध सैनिक बलों के जवान भी तैनात हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस से पूरी जानकारी ली। शहर में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी निकाला। पंचकूला में डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमती राम रहीम को फैसला सुनाए जाने के समय हुई चूक से सबक लेकर सरकार और पुलिस सुरक्षा में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती है।
बता दें कि 18 नवंबर 2014 को सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को बरवाला स्थित आश्रम से बाहर निकालने के लिए पुलिस ने अभियान शुरू किया था। पहले ही दिन काफी लोग घायल हुए थे, लेकिन समर्थक नहीं हटे थे। अगले दिन रामपाल स्वयं बाहर निकला था। इस दौरान पांच महिलाओं सहित एक बच्चे की मौत हुई थी। इस संबंध में पुलिस ने एफआइआर नंबर 429 और 430 नंबर दर्ज की थी। एफआइआर नंबर 429 में रामपाल के अलावा 15 लोग और एफआइआर नंबर 430 में रामपाल सहित 14 लोगों पर केस दर्ज किया गया था। इन दोनों मामलों में बृहस्पतिवार को एडीजे डीआर चालिया फैसला सुनाएंगे। रामपाल पर पुलिस ने नवंबर 2014 में सात केस दर्ज किए थे। इसमें देशद्रोह, हत्या, अवैध रूप से सिलेंडर रखने आदि काफी मामले हैं। रामपाल इनमें से दो केसों में बरी हो चुका है। इन दोनों केसों में पुलिस कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं कर सकी थी, जिस पर कोर्ट ने भी टिप्पणी की थी। एक मुकदमे से अदालत ने रामपाल का नाम हटा दिया था।