भूलकर भी इस दिन न तोड़े न बदले कलावा, होगा अशुभ

हिंदू धर्म में कलावा को रक्षासूत्र के रुप में माना जाता है। मौली या कलावा बांधने और तोड़ने पर बेहत सतर्कता की जरुरत होती है। नहीं तो यह आपके लिए अशुभ साबित हो सकता है। हमारे घर पर जब भी पूजा पाठ या हवन होता है तो कलावा बांधा जाता है। इसे रक्षासूत्र भी कहा जाता है।


कलावा को लेकर कई मान्याएं और कई वैज्ञानिक महत्व जुड़े हुए है। आज के समय में अधिकतर लोग कलावा बांध लेते है लेकिन इसे कब बदलना है या फिर कब तोड़ना है इस बारें में शायद ही हमें पता होता है। जिसके कारण हम इसे किसी भी दिन तोड़ देते है। जिसका असर हमारी लाइफ में बहुत ही बुरा पड़ता है। आचार्य ऋषि पंडित के अनुसार कलावा को रक्षासूत्र माना जाता है। इसलिए इसे किसी भी दिन आप नहीं बदल सकते है। इसलिए मंगलवार और शनिवार के दिन ही बदलना चाहिए। यह दिन शुभ माना जाता है।


कौन किस हाथ में बांधे कलावा
इसको लेकर भी कई लोगों को समझ नहीं आता है कि किस दिन बांधना शुभ होता है। इसलिए आपको बता दूं कि पुरुषों और लड़कियो को दाहिने हाथ पर और मैरिड लड़की को बाएं हाथ पर कलावा बांधना चाहिए।
इस बारें में आचार्य ऋषि पंडित का कहना है कि कलावा बांधने में ज्ञान का अभाव होने के कारण हम अपने हाथ सुंदर दिखने के लिए न जाने कितनी बार कलावा लपेट लेते है, लेकिन यह सहीं नहीं है। इसलिए कलावा बांधते समय हाथों की मुट्ठी बांध करें और एक हाथ सिर पर रखें। इसके साथ सिर्फ 2 या 5 बार कलाला लपेटे।

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About Amrish Chaudhary 693 Articles
वर्ष 1995 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। मुजफ्फरनगर से प्रकाशित अपने स्वामित्व वाले दैनिक अमरीश समाचार बुलेटिन में सह-सम्पादक के रूप में कार्यरत। आम आदमी की पीडा को अपनी लेखनी के माध्यम से उजागर करने को प्रयत्नशील।