आरक्षण पर गरजे सांसद, बोले मोदी सरकार ने आधी रात डाली डकैती

नई दिल्ली। RJD सांसद मनोज झा ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे मध्यरात्रि की डकैती तक कह डाला। मनोज झा ने कहा कि इस बिल से ओबीसी वर्ग के लोगों के आरक्षण को खाने की कोशिश हो रही है। हालांकि विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी है। वे अपनी सीट से उठकर उपसभापति की सीट के सामने आकर नारेबाजी और हंगामा कर रहे हैं। सरकार का पक्ष रखते हुए थावरचंद गहलोत ने कहा, इस बिल का हम जल्दबाजी में लेकर नहीं आए हैं। हम इसे अच्छी तरह से सोच समझकर और अच्छे इरादे के साथ लेकर आए हैं। इससे उन लोगों को फायदा मिलेगा जिनकी शिकायत रहती थी कि क्या सामान्य वर्ग में पैदा होना गुनाह है। जनरल कोटा बिल पर राज्य सभा में चर्चा के लिए निर्धारित समय को लेकर भी सदन में हंगामा हो रहा है। पहले इस पर चर्चा के लिए 3 घंटे का समय निर्धारित था लेकिन पक्ष-विपक्ष के सदस्यों से बातचीत के आधार पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। विपक्षी सांसद लगातार हंगामा और नारेबाजी कर रहे हैं।
जनरल कोटा बिल पर जहां राज्य सभा में चर्चा चल रही है, वहीं पीएम मोदी ने महाराष्ट्र की शोलापुर रैली में सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, ‘कल देर रात लोकसभा में एक ऐतिहासिक बिल पास हुआ है। सामान्य वर्ग के गरीबों को 10% आरक्षण पर मुहर लगाकर सबका साथ सबका विकास के मंत्र को और मजबूत करने का काम किया गया है। कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने कहा, कांग्रेस इस बिल का विरोध नहीं कर रही है। हम चाहते हैं कि जो भी नियम के अनुसार हो। अगर कोई सदस्य सभापति से कोई सवाल उठाता है तो उसे इसका अधिकार है।


बीजेपी सांसद विजय गोयल ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी सांसद जानबूझकर इस बिल को रोकने के लिए हंगामा कर रहे हैं। सदन का समय खराब कर कांग्रेस अप्रत्यक्ष रूप से इसका विरोध कर रही है। मुझे लगता है कि बिल पेश हो चुका है इसलिए सदन में इस पर चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस के सांसद मधूसूदन मिस्त्री ने जनरल कोटा बिल पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बिल अधूरा है। इस बिल पर इतनी जल्दबाजी क्यों है, सरकार यह बताए।
केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने 124वें संविधान संशोधन विधेयक को राज्यसभा में पेश करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत लोगों को आर्थिक आधार पर शिक्षा और रोजगार में आरक्षण मिलेगा। इसमें आरक्षण का प्रावधान कुल स्थानों का महज 10 प्रतिशत होगा।
राज्यसभा में सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल को लेकर भी हंगामा हो रहा है जिस पर सभापति ने सदस्यों को आश्वासन दिया कि दोपहर 2 बजे गृह मंत्री सदन में आकर इस पर बयान दे सकते हैं।
124वें संविधान संशोधन विधेयक के राज्यसभा में पेश होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। वे अपनी सीट से उठकर उपसभापति की सीट के सामने आकर नारेबाजी करने लगे।
आपको बता दें कि राज्यसभा में कुल 246 सदस्य हैं। बिल को पास करने के लिए कम से कम दो-तिहाई वोट की जरूरत तो है ही, साथ में यह भी जरूरी है कि वोटिंग में कम से कम आधे सदस्य मौजूद रहे यानी कम से कम 123 सदस्यों का वोटिंग में हिस्सा लेना जरूरी है। खास बात यह है कि अगर इस 124वें संविधान संशोधन विधेयक को आज राज्यसभा की मंजूरी मिल गई, तो राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा। इसके लिए आधे से ज्यादा राज्यों की विधानसभा से मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Loading…