इस बडे मुस्लिम लीडर ने किया ऐलान, जिन्ना की तस्वीर जलाने वाले को दूंगा एक लाख का ईनाम…

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर उपजा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा। हालात ये हैं कि यूनिवर्सिटी में भारी सुरक्षाबल तैनात हैं। किसी अफवाह को फैलने से रोकने के लिए शहर में इंटरनेट कनेक्शन अस्थाई तौर पर बंद कर दिए गए हैं। बीजेपी नेताओं की ओर से जिन्ना पर दिए जा रहे बयानों के बीच एक मुस्लिम नेता ने भी टिप्पणी की है। ऑल इंडिया मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय प्रमुख फरहत अली खान ने ऐलान किया है कि वह जिन्ना के पोस्टर जलाने वाले को एक लाख रुपये का नकद इनाम देंगे।


फरहत ने कहा, क्या पाकिस्तान के किसी भी संस्थान, शिक्षण संस्थान या कोई भी ऐसी जगह हो जहां हमारे महापुरुषों की जिन्होंने देश को आजाद कराने में शहादत दी थी, की कोई तस्वीर लगी है? क्या महात्मा गांधी की कोई तस्वीर कहीं पर लगी है? तो जिन्ना की किसी शिक्षण संस्थान या लाइब्रेरी में कैसे तस्वीर लगाई जा सकती है? फरहत ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदुस्तानी नेताओं को नफरत की नजरों से देखा जाता है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का मुसलमान भी जिन्ना और पाकिस्तान को नफरत की नजर से देखता है। मुस्लिम नेता ने लोगों से अपील की कि कहीं भी जिन्ना या जिन्ना जैसे लोगों की कोई भी तस्वीर या आकृति दिखे तो उसे फाड़कर जला दें। उन्होंने कहा, जो शख्स सामूहिक रूप से उसे जलाएगा या फाड़कर या उतारकर फेंकेगा, उसे एक लाख रुपये का इनाम कैश देने का ऐलान करता हूं।


बता दें कि विवाद की शुरुआत तब हुई, जब स्थानीय बीजेपी सांसद ने वाइस चांसलर को पत्र लिखकर कैंपस में जिन्ना की तस्वीर पर सवाल उठाए थे। उसके बाद से जिन्ना पर बीजेपी नेताओं की ओर से लगातार बयान आ रहे हैं। बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि एएमयू में जिन्ना की तस्वीर कमजोर होते हिंदुत्व की निशानी है। वहीं, एक अन्य बीजेपी नेता ने जिन्ना को जल्लाद तक कह डाला। सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में जिन्ना का सम्मान किया जाना नामुमकिन है। वहीं, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, जिन्ना देश का दुश्मन था। उसके लिए देश के लोगों में न कोई जगह है और न रहेगी।


बता दें कि योगी सरकार के ही एक अन्य मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कथित तौर पर जिन्ना को महान शख्स बताया था, जिसके बाद पार्टी की बहुत किरकिरी हुई थी। हालांकि, बाद में वह अपने बयान से पलट गए थे। उधर, इस विवाद की वजह से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और शहर में तनाव का माहौल है। प्रशासन का कहना है कि उन्हें खबर मिली कि कुछ असामाजिक तत्व अफवाह फैलाकर सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए अस्थाई तौर पर इंटरनेट सेवाएं रोकी गई हैं।

उधर, बुधवार को कैंपस में हिंसा हुई। पुलिस से संघर्ष में कम से कम छह लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े थे। कुछ बाहरी लोगों ने अंदर दाखिल होकर न केवल नारेबाजी की, बल्कि जिन्ना की तस्वीर हटाने की भी मांग की। छात्रों का कहना था कि प्रदर्शनकारी हिंदू संगठनों से ताल्लुक रखते थे, जिन्हें शुरुआत में हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया गया।

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