• BSF जवान की पत्नी, बोली-रोटी की मांग करना गलत तो नहीं

    item-thumbnail  जम्मू/रेवाड़ी। बीएसएफ के जवान तेज बहादुर के एक वीडियो ने हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो वायरल हो रहा है। जिसके बाद खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर बीएसएफ के अधिकारियों पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब जवान तेज बहादुर यादव के आरोपों पर उनकी पत्नी शर्मिला ने भी मुहर लगा दी है। तेज बहादुर की पत्नी शर्मिला ने कहा, 'कि रोटी की मांग करना गलत तो नहीं हो सकता है, हमें इंसाफ मिलना चाहिए और इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए।'
     जवान की पत्नी ने कहा, 'कि बार-बार उनके पति पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई इसलिए की जाती है, क्योंकि वो गलत के खिलाफ बोलते हैं।' जवान तेज प्रताप के बेटे ने भी न्याय की मांग की है। रोहित की पूरे मामले की जांच की मांग की है। वहीं बीएसएफ के इस जवान के पिता का भी बयान सामने आया है, तेज बहादुर के पिता ने कहा, ‘मेरा बेटा दिसंबर में आया था, कह रहा था कि वहां अब नहीं रह सकता, खाना नहीं मिल रहा है।’
     तेज बहादुर यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ के राता गांव के रहने वाले है, लेकिन वो खुद बीएसएफ में है। इसलिए उनकी पत्नी और बेटा दोनों रेवाड़ी के शांति विहार में एक घर में किराये पर रहते हैं। जवान की पत्नी शर्मिला निजी कंपनी में नौकरी करती है। वहीं बेटा आईआईटी की तैयारी कर रहा है। जवान तेज बहादुर यादव फेसबुक पर लगातार पोस्ट कर रहा है। जवान ने मंगलवार को एक के बाद एक कई पोस्ट किे। उसने फेसबुक पर लिखा, 'मैं एक फौजी हूं अपने देश का सच्चा सिपाही हूं, मेरा किसी धर्म के प्रति कोई गलत विचार नहीं है अगर मेरे से कोई गलती हूई है तो मैं हर धर्म से माफी मागंता हूं...जय हिंद' इधर, फेसबुक पर तेज बहादुर के फॉलोअर्स की तादाद भी तेजी से बढ़ी है।
     बीएसएफ ने जवान के दागी इतिहास का हवाला देते हुए उसके आरोपों को खारिज किया है। हालांकि,  जवान के वीडियो के बाद बीएसएफ की तरफ से सफाई दी गई। बीएसएफ के डीआईजी एमडीएस मान ने कहा, 'बीएसएफ अपने जवानों के कल्याण के प्रति पूरी तरह गंभीर है। अगर ऐसी कोई शिकायत है तो उसकी जांच होगी।' केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वीडियो में कितनी सच्चाई है, इसकी जांच करने आदेश दे दिए। मंगलवार को गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू ने भी कहा, 'सीमाई और मुश्किल हालात वाले इलाकों की सुरक्षा में लगे जवानों की भलाई सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी कमी से कड़ाई से निपटा जाएगा।'
    बीएसएफ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मामले की जांच आईजी स्तर के अधिकारी करेंगे।
    जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए तेजबहादुर को दूसरी यूनिट में भेज दिया गया है।
    मेस कमांडर को छुट्टी पर भेज दिया गया है।
    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तेज बहादुर का सर्विस रिकार्ड अच्छा नहीं रहा है।
    दागदार रहा है BSF जवान
    इस बीच बताया जाता है कि बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव का करियर दागदार रहा है। 2010 में नौबत कोर्ट मार्शल तक आ गई थी, हालांकि, किसी तरह उसकी नौकरी बच गई।
    20 साल की सेवा में तेज बाहदुर को चार बार कड़ी सजा मिल चुकी है।
    क्वार्टर-गार्ड जेल में भी रखा जा चुका है।
    तेजबहादुर पर अपने कमांडेंट पर बंदूक ताने तक का संगीन आरोप लग चुका है।
    बिना बताए ड्यूटी से गायब होना और शराब पीना और अधिकारियों से बदसलूकी उसकी आदत।
    कई बार उसकी कांउसिंलग हो चुकी है।
    तेज बहादुर ने कुछ दिनों पहले वीआरएस लेने की अर्जी भी दी थी
     यहां आपकों बता दें कि तेज बहादुर यादव पुंछ के मंडी इलाके में 29वीं बटालियन के एडमिनिस्ट्रेटिव हेडक्वार्टर में संतरी के पद पर तैनात है। ये इलाका एलओसी के बेहद करीब है और यहीं से हाई-ऑल्टिट्यूड फॉरवर्ड लोकेशन वाली पोस्ट का रास्ता जाता है। संवेदनशील इलाका होने के नाते यहां पर बीएसएफ की टुकड़ी सेना के तहत काम करती है। राशन भी सेना से ही आता है लेकिन जवानों के लिए खाने पकाने की जिम्मेदारी बीएसएफ के पास ही है। बीएसफ कैंप के खाने पीने में हो रहे कथित घोटाले को लेकर 29 बीएसएफ बटालियन के जवान तेज बहादुर ने 8 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। जिसके बाद हंगामा मच गया। दरअसल, जवान तेजबहादुर यादव ने फेसबुक वीडियो के जरिए खाने को लेकर अपने उस अनुभव को सोशल मीडिया पर शेयर किया था जिससे वो गुजर रहे थे। उन्होंने बड़े अफसरों पर जवानों को मिलने वाले खाने के बारें में शिकायत की थी। इस वीडियो में दिखाया गया था कि खाने की क्वालिटी कितनी निम्न स्तर की है।



    Last Updated On: 2017-01-11 08:29:55
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