• प्रधानाध्यापक ने खुद के लाखों खर्च कर बदला सरकारी स्कूल का रंगरूप

    item-thumbnail  दमोह/पथरिया। प्रधानाध्यापक ने खुद के 1.30 लाख रुपए खर्च करके स्कूल की फर्श पर टाइल्स लगवाई। जर्जर दीवारों पर पुट्टी व कलर करवाए। बच्चों को पानी पीने के लिए फ्यूरीफायर लगवाया। पढ़ाई भी ऐसी शुरू करवाई कि निजी स्कूल से कम नहीं।
     यह मिडिल स्कूल है पथरिया के सतौआ गांव में। यह सुविधाएं स्कूल के प्रधानाध्यापक निर्मल जैन (35) की सोच का नतीजा है। 10 साल तक इस स्कूल में अध्यापक की नौकरी करने वाले निर्मल ने अपनी सैलरी से हर महीने हिस्सा बचाकर यह राशि स्कूल पर खर्च की। 2007 को शिक्षक निर्मल जैन ने बतौर अध्यापक पथरिया के सतौआ गांव के मिडिल स्कूल में ज्वाइनिंग दी थी। उन्हें हमेशा स्कूल के जर्जर भवन और अन्य सुविधाओं की कमी खलती थी। उसी समय उन्होंने तय किया कि सरकारी मदद के अलावा वे कुछ ऐसा करेंगे कि उनका स्कूल एक मॉडल बन जाए।
     श्री जैन कहते हैं कि आए दिन सरकारी स्कूलों की निगेटिव खबरें आती हैं, लेकिन कुछ ऐसी खबरें भी पढ़ीं जिनमें स्कूल के शिक्षकों ने सरकारी स्कूलों की परिभाषा ही बदल दी। इसी पॉजीटिव सोच को ध्यान में रखते हुए वे अपनी वेतन से कुछ स्र्पए जमा करते रहे। 1 अक्टूबर 2016 को जब प्रधानाध्यापक बने तो जमा एक लाख 30 हजार स्र्पए उन्होंने स्कूल में खर्च करना शुरू कर दिया, इस राशि में 10 हजार स्र्पए उनकी पत्नी सविता जैन ने भी दिए। उन्होंने सबसे पहले स्कूल भवन की मरम्मत कराई, पुट्टी व कलर करवाया। स्कूल के कमरों में मारबल, टाइल्स, चेकर टाइल्स लगवाए। वॉल पेंटिंग, पंखे, लाइट फिटिंग भी कराई। शुद्ध पानी के लिए प्यूरीफायर भी लगवाया। श्री जैन ने बताया कि स्कूल फंड में भी 50 हजार रुपए थे, इन्हें विभाग की अनुमति से इसी कार्य में खर्च किया है।
     स्कूल के प्रति बच्चों में रुझान पैदा करने के लिए बच्चों को उपहार देने की शुरुआत की गई। नियमित स्कूल आने और होमवर्क पूरा करने वाले बच्चों को कंपास, टॉफी देते हैं। ठंड के मौसम में स्वेटर भी गिफ्ट दीं हैं। वर्तमान में स्कूल में दो शिक्षक मोहन सिंह और नरेंद्र सिंह और भी हैं। स्कूल के बच्चों की दर्ज संख्या 59 है। स्कूल समाप्त होने के बाद भी बच्चों को एक्स्ट्रा क्लास लगाकर पढ़ाई होती है। जैन के कार्य को देखते हुए पथरिया विधायक लखन पटैल ने स्कूल की बाउंड्रीवाल, बालक शौचालय व फर्नीचर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। डीपीसी हेमंत खेरवाल व डीईओ पीपी सिंह ने भी स्कूल में अन्य सुविधाएं जुटाने के लिए मदद देने की बात कही है। डीईओ पीपी सिंह ने कहा कि ऐसे स्कूल को मॉडल स्कूल घोषित करने व शिक्षक को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित करने के लिए वे कलेक्टर को प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे। ऐसे शिक्षकों से बाकी शिक्षकों को भी सीख लेना चाहिए।



    Last Updated On: 10-01-17 09:07:45
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