• मुलायम सिंह ने सपा दफ्तर में जडे ताले, चाबियां जेब में डालीं और चले गए दिल्ली

    item-thumbnail  लखनऊ। सपा में चल रही उठापटक के बीच मुलायम सिंह ने रविवार को एक नया बयान दिया। लखनऊ स्थित पार्टी ऑफिस में कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा,'पार्टी के अंदर कोई विवाद नहीं है, तो समझौता कैसा? दो तीन महीने क्या होता है।'यहां उन्‍होंने अखिलेश यादव की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और नरेश उत्‍तम की प्रदेश अध्‍यक्ष के नाम से लगी नेम प्‍लेट को हटवा दिया। इसके बाद मुलायम के नाम वाली राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और शिवपाल के नाम वाली प्रदेश अध्‍यक्ष की प्‍लेट दोबारा लगाई गई। इसके बाद मुलायम पार्टी ऑफिस के कमरों में ताला लगवाकर दिल्‍ली रवाना हो गए।
     मुलायम ने अपने ऑफिसर ऑन स्‍पेशन ड्यूटी (ओएसडी) जगजीवन से ऑफिस की चाबियां लेकर अपने पास रख लीं। इस दौरान अखिलेश खेमे के वर्कर्स नारेबाजी करते रहे। बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह सोमवार को इलेक्‍शन कमीशन जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, अमर सिंह दिल्‍ली में मुलायम और शिवपाल की कुछ खास लोगों से मुलाकात कराएंगे। माना जा रहा है कि ये मुलाकात उन लोगों से होगी, जिनसे ये समझा जा सके कि साइकिल सिंबल मुलायम को ही अलॉट हाे। शनिवार को सपा के सिंबल मामले में रामगोपाल यादव अपना पक्ष रखने के लिए इलेक्‍शन कमीशन के ऑफिस पहुंचे थे। यहां रामगोपाल 7 बक्सों में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा पन्ने भरकर लाए थे। उन्होंने कहा, "इलेक्शन कमीशन ने हमें 9 तारीख तक का वक्त दिया था। लेकिन, हमने सभी जरूरी कागजात सबमिट कर दिए।" उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और साइकिल पर हमारा हक है।
     उन्‍होंने कहा, "229 एमएलए में से 205 हमारे साथ हैं। ऐसे में 90 फीसदी से अधिक नेता साथ हैं। 24 सांसदों में से 15 सांसदों के हस्‍ताक्षर हैं। एमएलए, एमपी और एमएलसी सभी अखिलेश के साथ हैं। 5731 डेलीगेट्स में से 4440 हमारे साथ हैं।" रामगोपाल ने शुक्रवार को भी कहा था कि हम अखिलेश के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। सभी नेता हमारे साथ हैं और यही असली सपा है। साइकिल सिंबल पर हमारा हक है। बता दें, शनिवार को मुलायम ने पार्टी नेताओं के साथ अपने आवास पर मुलाकात की। मीटिंग में शिवपाल यादव, आजम खान, नारद राय, ओमप्रकाश सिंह, विधानसभा के अध्‍यक्ष माता प्रसाद पांडेय भी मौजूद थे। मीटिंग से निकले अंबिका चौधरी ने बताया, 'सब कुछ ठीक हो जाएगा। पार्टी एकजुट होकर काम करेगी।'
     इससे पहले शुक्रवार को अखि‍लेश यादव से शि‍वपाल और अमर ने मुलाकात की थी। गुरुवार को मुलायम सिंह, शि‍वपाल यादव और अमर सिंह के बीच करीब 4 घंटे तक मीटिंग हुई थी। इससे पहले मुलायम सिंह बीते 2 जनवरी को शिवपाल यादव, अमर सिंह, जया प्रदा के साथ चुनाव आयोग पहुंचे थे और अधिकारियों से 45 मिनट तक मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद मुलायम ने अधिकारियों को मेमोरेंडम सौंपा, जिसमें पार्टी के सिंबल पर उन्होंने दावा किया। इसकी संभावना काफी कम है, क्योंकि इलेक्शन कमीशन की सुनवाई काफी लंबी और विस्तृत होती है। इसमें कम से कम 6 महीने का वक्त लगता है।
     इसको देखते हुए आयोग पार्टी के सिंबल को फ्रीज कर सकता है और दोनों धड़ों को एक ही नाम से टेम्पररी चुनाव चिह्न दे दिया जाएगा। 1979 में Congress (I) और Congress (U) जैसे दो गुटों और 1980 में बीजेपी और जनता पार्टी को चुनाव आयोग ने इंटरिम ऑर्डर के तहत मान्यता दी थी। लिहाजा, सपा के दोनों गुटों को मान्यता मिल सकती है।



    Last Updated On: 2017-01-08 17:51:04
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